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प्रधानमंत्री मोदी को राहत, 80 प्रतिशत ‘कम’ हुई स्विस बैंक्स में भारतीयों की जमाराशि

24 Jul 2018
स्विस बैंक ने किया साफ़, हर जमाराशि नहीं होती है ब्लैक मनी

JULY 24 (WTN) – भारत में समय-समय पर स्विस बैंक्स और उसमें जमाराशि की काफ़ी चर्चा होती है। भारतीय लोगों का मानना है कि स्विस बैंक्स में जमा रुपया ‘ब्लैक मनी’ ही होता है। कुछ दिनों पहले एक ख़बर सामने आई थी कि स्विस बैंक्स में भारतीयों की जमाराशि में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिसके बाद मोदी सरकार पर विपक्ष ने काफ़ी तंज कसा था कि ब्लैक मनी भारत में लाने के नाम पर बनी सरकार के कार्यकाल में भी ब्लैक मनी देश से बाहर स्विस बैंक्स में जमा हो रही है। लेकिन अब एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस बैंक्स में पिछले साल भारतीय लोगों का जमा धन घटा है।

स्विसस बैंक्स में भारतीय लोगों की जमाराशि में 50 प्रतिशत की वृद्धि की ख़बरों पर स्विरस बैंक ने सफाई दी है कि इन बैंकों में जमा सभी धन काला धन नहीं है। इधर, वित्तमंत्री का प्रभार देख रहे पीयूष गोयल ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि स्विस बैंकों में भारतीय लोगों का धन साल 2017 में 34.5 प्रतिशत कम हुआ है। पीयूष गोयल के मुताबिक नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ब्लैक मनी पर जो कार्रवाई सरकार ने की है, उसी का परिणाम है कि स्विस बैंक्स में जमा भारतीयों की धनराशि में साल 2017 के आख़िरी तक 80 प्रतिशत तक कमी आई है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि स्विस बैंक्स में भारतीयों की जमाराशि साल 2016 के मुकाबले 2017 में 50 प्रतिशथ बढ़ गई थी। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक स्विस बैंक्स में साल 2017 में भारतीयों का धन बढ़कर सात हजार करोड़ रुपये हो गया था।

जानकारी के मुताबिक साल 2016 में भारतीय लोगों की स्विस बैंक में जमाराशि में 45 प्रतिशत की कमी आई थी। 2016 में भारतीयों की स्विस बैंक्स में जमाराशि घटकर 4,500 करोड़ रुपए हो गई थी।

स्विस बैंक ने अनुसार एनडीए के शासन के दौरान स्विस नॉन-बैंक लोन और डिपोजिट्स में काफी ज़्यादा कटौती हुई है। साल 2013 से 2017 के बीच इसमें 80 प्रतिशत की कमी आई है।

स्विस बैंक्स में जमा भारतीयों की धनराशि को लेकर बीआईएस ने कहा है कि इस डाटा को आम तौर पर ग़लत पेश किया जाता है। बैंक ने कहा कि ज़्यादतर यही माना जाता है कि स्विस बैंक्स में भारतीयों का जो धन है, वो कालाधन है लेकिन ऐसा नहीं है। स्विस बैंक की तरफ़ से यह रिपोर्ट आने के बाद मोदी सरकार को काफ़ी राहत मिलेगी, क्योंकि कुछ दिनों पहले जो आंकड़े सामने आए थे उसके मुताबिक नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते स्विस बैंक में भारतीयों की जमाराशि में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब इस मुद्दे पर भाजपा विपक्षी दलों की जमकर खिंचाई करेगी।