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...तो ATM से निकाल पाएंगे एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये!

24 Jun 2020

ATM से पैसा निकालना हो सकता है 'महंगा'

JUNE 24 (WTN) - स्वाभाविक है कि आपका किसी ना किसी बैंक में अकाउंट तो होगा है। वहीं जब आपका बैंक में अकाउंट है, तो आप ATM का इस्तेमाल भी करते ही होंगे। ATM के इस्तेमाल से आपको अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकालने के लिए बैंक में लम्बी लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। आप अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल कर किसी भी ATM से आसानी से पैसा निकाल सकते हैं।

लेकिन आने वाले समय में हो सकता है कि आप ATM से एक बार में पहले की तुलना में कम पैसा निकाल पाएं और कुछ रियायतों के बाद ATM से पैसा निकालने पर आपको पहले की तुलना में ज़्यादा चार्ज देना पड़े। स्वाभाविक है कि यह पढ़कर आप चौक गए होंगे। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि RBI ( Reserve Bank of India) यानि कि भारतीय रिज़र्व बैंक की एक समिति ने ATM से कैश निकालने की लिमिट 5,000 रुपये निर्धारित करने और ATM चार्ज में वृद्धि करने की सिफारिश की है।

जी हां, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि RBI ने ATM इंटरचेंज फी स्ट्रक्चर की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया था। इसी समिति ने अपनी सिफ़ारिशें RBI को सौंप दी है। हालांकि, इस बात की जानकारी नहीं है कि RBI ने समिति की रिपोर्ट को स्वीकार किया है या नहीं?

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, RBI द्वारा गठित एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में पूरे देश में ATM के ज़रिए होने वाले सभी ट्रांजैक्शन्स पर inter-change charges बढ़ाने की सिफारिश की है। इतना ही नहीं, इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि ATM से प्रति ट्रांजैक्शन की लिमिट 5,000 रुपये तय की जाए, और इससे ज्यादा रुपये निकालने पर चार्ज लगाया जाए।

वहीं, समिति की सिफारिश में कहा गया है कि 10 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों के ATM से निर्धारित पैसों से ज़्यादा पैसे निकालने के बाद लगने वाले चार्ज में 24 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाए।

बता दें कि इस रिपोर्ट में सिगंल ब्रांच ट्रांजेक्शन और सिंगल ATM ट्रांजेक्शन की लागत की भी तुलना की गई है। RBI को सौंपी अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि कोरोना संकट के समय लम्बे चले लॉकडाउन के कारण प्रति कस्टमर ATM ट्रांजेक्शनों में ब्रांच ट्रांजेक्शन की तुलना में काफी वृद्धि देखने को मिली है। इसी कारण से समिति का कहना है कि सिगंल ब्रांच ट्रांजेक्शन और सिंगल ATM ट्रांजेक्शन की लागत की तुलना सही नहीं होगी।

तो हो सकता है कि आने वाले समय में जब आप ATM से पैसा निकालने जाएं, तो आप एक बार में सिर्फ़ 5,000 रुपये ही निकाल पाएं। और इससे ज़्यादा पैसे निकालने पर आपको पहले की तुलना में ज़्यादा चार्ज देना पड़े। दरअसल, यह सारी क़वायद इसलिए भी हो रही है क्योंकि एक तो ATM का रखरखाव पहले की तुलना में महंगा हो गया है, वहीं सरकार नक़द लेन-देन की जगह डिजिटल लेन- देन को बढ़ावा देना चाहती है। अब देखना होगा कि RBI, समिति की सिफारिशों पर क्या फैसला लेती है?