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यदि होती क्वांटम कम्प्यूटिंग तो अभी तक बन जाती COVID-19 की वैक्सीन या दवा!

21 May 2020

क्वांटम कम्प्यूटिंग से आसानी से बन जाएगी कोई भी दवा

MAY 21 (WTN) - कोरोना वायरस संक्रमण की दवा या वैक्सीन पर लगातार रिसर्च जारी हैं। लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी अभी तक वैज्ञानिकों को इस दिशा में कोई भी सफलता हासिल नहीं हो सकी है। दरअसल, कई ऐसी वैज्ञानिक परेशनियां हैं जो कोरोना वायरस की वैक्सीन या दवा बनने में रोड़े अटका रही हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि यदि क्वांटम कम्प्यूटिंग होती तो सिर्फ कुछ ही दिनों के अंदर ही कोरोना वायरस संक्रमण की वैक्सीन या दवा ढूंढ ली जाती।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी बीमारी की दवा या वैक्सीन के लिए सबसे पहले लक्षणों को स्पष्ट किया जाता है फिर इसके बाद संक्रमण फैलाने वाले रोगाणु या विषाणु की पहचान करने के बाद उसके गुणों का पता लगाया जाता है, जिसमें उसका पूरा जेनेटिक कोड शामिल होता है। इसके बाद वायरस के बारे में शोध किया जाता है कि वायरस कैसे काम करता है और मानव शरीर यह वायरस कैसे प्रतिक्रिया करता है।

इसी शोध के आधार पर दवा और वैक्सीन की खोज का काम शुरू होता है। फिर लैब में परीक्षण, जानवरों पर ट्रायल, मानवीय ट्रायल समेत अन्य तरह के ट्रायल होते हैं। सभी ट्रायल के सभी चरण सफलतापूर्वक सफल होने के बाद ही दवाओं का उत्पादन शुरू होता है।

अब बात करते हैं COVID-19 की, तो सिर्फ़ 12 दिन में ही वैज्ञानिकों को SARS-CoV-2 के स्पाइक प्रोटीन के बारे में पता चल गया था। लेकिन क़रीब 6 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक COVID-19 की कोई भी वैक्सीन या दवा नहीं बन सकी है। दरअसल, किसी भी वायरस जनित बीमारी की दवा या वैक्सीन बनने में काफी पैसा और समय लगता है। लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक़ यदि किसी भी वैक्सीन या दवा की खोज और टेस्टिंग का काम लैब में न होकर सीधे कम्प्यूटर से हो तो चंद दिनों में ही दवा या वैक्सीन बनने में सफलता हासिल हो सकती है।

लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है और इस काम को आज के सुपर कम्प्यूटर भी नहीं कर सकते हैं। लेकिन क्वांटम कम्प्यूटिंग में आसानी से इतने विशाल आंकड़ों का प्रसंस्करण हो हो सकता है, गणना हो सकती है और जटिल समीकरणों को हल किया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्वांटम कम्प्यूटिंग सुपर कंप्यूटर से भी काफी एडवांस होता है।

दरअसल, SARS-CoV-2 के स्पाइक प्रोटीन में हजारों अणु होते हैं। इन पर सिम्यूलेशन से गणना आज के सुपर कम्प्यूटर से सम्भव नहीं है। और यदि सुपर कम्प्यूटर ऐसा करने में सक्षम है तो भी उसे इसके लिए कई दशक लग सकते हैं। लेकिन एक बड़ा क्वांटम कम्प्यूटर ऐसी गणना आसानी से कर सकता है।

वैसे, फिलहाल क्वांटम कम्प्यूटर बने नहीं हैं। लेकिन वैज्ञानिक इन प्रयासों में हैं कि जल्द से जल्द क्वांटम कम्प्यूटर मूर्त रूप ले सके। यदि ऐसा होता है, तो इससे दवा उद्योग में क्रांतिकारी परिवर्तन आ जाएगा। और कोई भी वायरस जनित बीमारी आने पर कुछ ही दिनों में उसकी वैक्सीन और दवा तय हो जाएगी।