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जानिए क्या है फास्टैग (FASTag) और क्यों है यह आपके लिए उपयोगी?

21 Aug 2019
अब टोल प्लाज़ा पर रुके बिना ही फास्टैग (FASTag) से होगा टोल टैक्स का भुगतान!

AUG 21 (WTN) – यदि हम आपसे कहें कि नेशनल हाइवे पर यदि आपकी गाड़ी गुजरे और टोल प्लाज़ा पर रुके बिना ही सिर्फ़ एक टैग के जरिये ही टोल टैक्स का भुगतान अपने आप ही आपके फास्टैग (FASTag) अकाउंट से हो जाए तो कितना अच्छा रहेगा, क्योंकि टोल प्लाज़ा पर ना रुकने से एक तो आपका क़ीमती समय बचेगा साथ ही टोल टैक्स के लिए खुल्ले पैसों की परेशानी समेत टोल प्लाज़ा पर होने वाले विवादों से आपको छुटकारा मिलेगा। जीहां देश में एक दिसम्बर से ऐसा ही कुछ होने वाला है। क्या है यह पूरा मामला, आइये इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों को लिखा है कि वे आरटीओ यानी कि रीज़नल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में जगह मुहैया कराएं, जिससे कि फास्टैग (FASTag) की बिक्री के लिए प्वाइंट बनाया जा सके। ऐसा इसलिए, क्योंकि सरकार ने इसी साल एक दिसम्बर से सभी नेशनल हाइवे के टोल प्लाज़ा पर सिर्फ फास्टैग (FASTag) से टोल भुगतान स्वीकार करने का फ़ैसला किया है।
 
अब आप सोच रहे होंगे कि यह फास्टैग (FASTag) क्या है? यह कैसे काम करता है और इसके जरिये किस तरह से टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स का भुगतान अपने आपके फास्टैग (FASTag) अकाउंट से हो जाएगा? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग (FASTag) वाहन की विंडस्क्रीन से जुड़ा हुआ एक उपकरण है। यह उपकरण रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर आधारित है। जब इस टैग को गाड़ी पर लगाया जाता है, और यदि गाड़ी चल भी रही है तो टोल प्लाज़ा से गुज़रने पर अपने आप ही यह रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है कि गाड़ी किस टोल प्लाज़ा से किस समय पर निकली।
 
जैसी ही फास्टैग (FASTag) लगी हुई गाड़ी टोल प्लाज़ा से निकलती है, फास्टैग (FASTag) के जरिये गाड़ी के निकलने की रीडिंग हो जाएगी और टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स का भुगतान सीधे अपने आप फास्टैग (FASTag) खाते से हो जाएगा। ऐसा इसलिए सम्भव होगा, क्योंकि फास्टैग (FASTag) एक प्रीपेड खाते की तरह है, जिसे आप अपनी सुविधा के अनुसार रिचार्ज करा सकते हैं। यानी कि वाहन में फास्टैग (FASTag) लगने के बाद वाहन को टोल प्लाज़ा पर रोकने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। फास्टैग (FASTag) लगी गाड़ी जैसे ही टोल प्लाज़ा से गुजरेगी, सम्बन्धित गाड़ी पर लगे फास्टैग (FASTag) अकाउंट से अपने आप टोल प्लाज़ा के टोल टैक्स का भुगतान हो जाएगा। यानी कि टोल प्लाज़ा पर अब पेमेण्ट डिजिटल तरीक़े से होगा, नक़द में लेन-देन धीरे-धीरे बंद हो जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक दिसम्बर से सभी नेशनल हाइवे के टोल प्लाज़ा पर फास्टैग (FASTag) से भी भुगतान स्वीकार किया जाएगा। इसके लिए सभी नेशनल हाइवे के सभी टोल प्लाज़ा की सभी लेन को फास्टैग (FASTag) लेन बनाया जाएगा। हमारी आपको सलाह है कि आप भी जल्द से जल्द अपने वाहन में फास्टैग (FASTag) को लगवा लें और टोल बूथ पर डिजिटल तरीक़े से भुगतान करें, क्योंकि यदि आप टोल प्लाज़ा पर बिना फास्टैग (FASTag) के टोल टैक्स का भुगतान करते हैं तो आपको दोगुना टोल टैक्स का भुगतान करना होगा। वहीं फास्टैग (FASTag) को बढ़ावा देने के लिए सरकार शुरुआत में इसके इस्तेमाल पर टोल टैक्स में छूट दे रही है।
 
दरअसल, राष्ट्रीय हाइवेज़ अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया द्वारा भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को शुरू किया गया है। इस सिस्टम की शुरुआत साल 2014 में की गई थी। इसी को आगे बढ़ाते हुए अब इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है। आप फास्टैग (FASTag) को किसी बैंक के जरिये या फ़िर ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं और इसे समय-समय पर अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन रिचार्ज भी करा सकते हैं।

वाहनों में फास्टैग (FASTag) को अमल में लाने के पीछे सरकार के कई तर्क हैं। सबसे पहले तो फास्टैग (FASTag) का उपयोग करने से टोल प्लाज़ा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। वहीं फास्टैग (FASTag) का उपयोग करने से टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स के लिए होने वाले विवादों पर लगाम लग सकेगी। साथ ही टोल टैक्स का भुगतान करते समय खुल्ले पैसों के ना होने समेत अन्य परेशानियों से वाहन चालकों को निजात मिल सकेगी।