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जानिए क्यों महंगा हो सकता है IRCTC की वेबसाइट से टिकिट बुक कराना?

10 Aug 2019
IRCTC की वेबसाइट पर फ़िर से लगने वाले सर्विस चार्ज का यात्रियों ने किया विरोध

AUG 10 (WTN) – यदि आप ट्रेन के लिए रिजर्वेशन का टिकिट IRCTC की वेबसाइट से बुक करते हैं तो यह लेख आपके काफ़ी काम का है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि रेलवे की टिकिट बुक करने वाली वेबसाइट IRCTC से टिकिट बुक करना अब महंगा हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अब भारतीय रेलवे ने IRCTC वेबसाइट से टिकिट बुक करने पर लगने वाले सर्विस चार्ज को दोबारा लगाने का फ़ैसला किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें तीन साल पहले नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने इस सर्विस चार्ज को वापस ले लिया था। लेकिन रेल मंत्रालय के इस फ़ैसले का यात्रियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक़, रेलवे बोर्ड ने ऑनलाइन टिकिट ख़रीदने के लिए सर्विस चार्ज को किस तरह लगाया जाएगा इसके लिए मंज़ूरी दे दी है। इसी महीने की 3 अगस्त को भेजे एक पत्र में बोर्ड ने कहा है कि IRCTC ने सर्विस चार्ज को फ़िर से लगाने की मांग की है, जिसको ई-टिकिट बुकिंग के समय लगाया जाएगा। वैसे इस पर अभी अन्तिम फ़ैसला नहीं लिया गया गया है। इस पर अन्तिम फ़ैसला सक्षम अथॉरिटी द्वारा लिया जाएगा। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, रेलवे बोर्ड के पत्र में साफ़ कहा गया है कि वित्त मंत्रालय की सलाह पर सक्षम अथॉरिटी ने यह फ़ैसला लिया है कि IRCTC, कंनविनियेंस फीस और सर्विस चार्ज को दोबारा लगाने पर विचार कर सकती है।

नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ावा देने के लिए तीन साल पहले वित्त मंत्रालय ने IRCTC की वेबसाइट से टिकिट बुक कराने के लिए लगने वाले सर्विस चार्ज को कुछ समय के लिए हटाने के लिए कहा था। चुंकि इस चार्ज को पूरी तरह से हमेशा के लिए ख़त्म करने के लिए नहीं कहा था, इसलिए रेल मंत्रालय इस चार्ज को फ़िर से शुरू कर सकता है। जानकारी के मुताबिक़, रेल मंत्रालय को सर्विस चार्ज हटाने के कारण क़रीब 88 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इस नुकसान के बाद इसकी भरपाई के लिए उसने वित्त मंत्रालय से इसकी मांग की थी, जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने रेल मंत्रालय को ये चार्ज लगाने की छूट दे दी है।

रेलवे के अधिकारियों का तर्क है कि IRCTC की वेबसाइट से टिकिट बुक कराने के समय लगने वाले सर्विस चार्ज को हटाने से इंटरनेट टिकिटिंग से IRCTC की आय में 26 प्रतिशत की गिरावट आई थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IRCTC टिकिट बुकिंग के लिए स्लीपर क्लास के लिए 20 रुपए सर्विस चार्ज और एसी टिकिट के लिए 40 रुपए सर्विस चार्ज लेता था। अब यह फ़ैसला IRCTC को करना है कि इस चार्ज को बनाए रखता है या फ़िर इसमें वृद्धि करता है।

लेकिन रेल मंत्रालय के इस फ़ैसले का यात्रियों ने विरोध किया है। यात्रियों के मुताबिक़ ऑनलाइन टिकिट बुकिंग में रेल मंत्रालय को कुछ ज़्यादा ख़र्च नहीं आता है। जबकि विण्डो टिकिट बुकिंग से रेलवे को ज्यादा संसाधन लगते हैं। ऐसे में रेलवे का यह तर्क कि उसे सर्विस चार्ज ख़त्म करने से नुकसान हुआ है समझ से परे है।

वहीं देखा गया है कि नोटबंदी के बाद से ऑनलाइन टिकिट बुकिंग में वृद्धि हुई है तो ऐसे में IRCTC को किस हिसाब से नुकसान हुआ यह देश की जनता समझ नहीं पा रही है। यात्रियों का तर्क है कि जब वे टिकिट बुक कराने का पैसा दे रहे हैं तो वे इसके लिए सर्विस चार्ज क्यों दें। लोगों की मांग है कि रेलवे को ऑनलाइन टिकिट पर सर्विस चार्ज लगाने या उसे बढ़ाने की जगह पर अपने खर्चों में कटौती करना चाहिए।