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IRCTC की वेबसाइट से टिकिट बुक कराने के बाद आप तो नहीं करते ‘यह ग़लतियां’?

29 Feb 2020
ट्रेन टिकिट बुक करने या कैन्सिल करने के बाद ना करें ‘नादानियां’!

FEB 29 (WTN) – एक समय था जब आपको ट्रेन में रिजर्वेशन टिकिट बुक करने के लिए घण्टों लाइन में लगना पड़ता था। लेकिन टेक्नोलॉजी के साथ ट्रेन में रिजर्वेशन टिकिट बुक करने का तरीका भी बदल गया है। अब आप अपने कम्प्यूटर या मोबाइल से IRCTC की वेबसाइट की मदद से चंद सेकेण्ड में ट्रेन में रिजर्व टिकिट बुक करा सकते हैं। यह सही है कि टेक्नोलॉजी ने आपके काम को काफ़ी आसान कर दिया है, लेकिन यदि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के बाद आपने ग़लती या लापरवाही बरती, तो आपको आर्थिक हानि तक उठानी पड़ सकती है। कुछ इस तरह की ही ग़लतियां और लापरवाहियां IRCTC की वेबसाइट पर टिकिट बुक कराने के बाद यूज़र्स कर रहे हैं। आख़िर क्या है यह पूरा मामला, और यूज़र्स को किस तरह की ग़लतियां IRCTC की वेबसाइट पर टिकिट बुक कराने के बाद नहीं करना चाहिए? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

यदि आप IRCTC की वेबसाइट से ट्रेन टिकिट बुक करते हैं, तो आपके लिए IRCTC ने कुछ अलर्ट जारी किये हैं दरअसल, इसी तरह का एक अलर्ट IRCTC ने उन लोगों के लिए जारी किया है जो रेलवे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की जानकारी या शिकायत के लिए सोशल मीडिया का इस्‍तेमाल करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्रॉड करने वाले IRCTC के उन यूजर्स को टारगेट किर रहे हैं जो अपनी शिकायत या पूछताछ के दौरान सोशल मीडिया पर अपना मोबाइल नम्बर, पीएनआर नम्बर और ट्रांजैक्‍शन आईडी जैसी अपनी निजी जानकारियां साझा कर देते हैं।

बता दें कि IRCTC ने चेतावनी जारी की है कि इन जानकारियों का इस्तेमाल कर हैकर्स आपके साथ बैंकिंग फ्रॉड कर सकते हैं। दरअसल, यूज़र्स द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारियों के ज़रिये यूज़र्स के साथ हैकर्स बैंकिंग फ्रॉड कर सकते हैं। इसी कारण से IRCTC ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारियों को सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर साझा नहीं करें।

वहीं IRCTC ने अपने यूज़र्स को स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारतीय रेलवे सिर्फ डायरेक्‍ट मैसेज के ज़रिए ही जानकारी मांगता है। वहीं IRCTC का कहना है कि टिकिट कैंसिलेशन के बाद रिफण्ड की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमैटिक है, और इसमें किसी भी तरह का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता है। यानी यदि आप IRCTC की वेबसाइट से टिकिट बुक कराने के बाद उसे कैंसिल करते हैं, तो रिफण्ड की प्रक्रिया ऑटोमैटिक है और इस प्रक्रिया के लिए किसी भी व्यक्ति की मदद की कोई भी ज़रूरत नहीं है।

यानी यदि आपने IRCTC की वेबसाइट से टिकिट बुक कराया है और उसे कैंसिल किया है, तो ऐसे में आप ऐसे किसी भी मैसेज या कॉल से सावधान रहें जो मैसेज या कॉल में यह दावा करते हैं कि वे टिकिट कैंसिल होने पर रिफण्ड का पैसा आपके बैंक अकाउण्ट में क्रेडिट कराने में आपकी सहायता करना चाहते हैं। इस तरह के मैसेज या कॉल के ज़रिये हैकर्स टिकिट कैंसिल करा चुके सम्बन्धित यूज़र की व्यक्तिगत और बैंक सम्बन्धित जानकारी हासिल कर उनके बैंक अकाउंट को हैक कर सकते हैं। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि IRCTC की वेबसाइट से बुक टिकिट को कैन्सिल कराने के बाद किसी भी तरह के मैसेज या फ़ोन कॉल पर रिफण्ड के लिए विश्वास ना करते हुए 6 से 7 दिन का इन्तज़ार करें क्योंकि IRCTC की तरफ़ से रिफण्ड में लगभग इतना ही समय लगता है।