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पेटा (PETA) के एक दावे से बढ़ा विवाद, बीयर को बताया दूध से ज़्यादा सेहतमंद

14 Dec 2019
पेटा (PETA) ने दूध को बताया हानिकारक, बीयर की तारीफ़ में किये कई दावे

DEC 14 (WTN) – दूध के पौष्टिक गुणों के बारे में तो आप सभी जानते ही हैं। हर किसी को उसकी शारीरिक क्षमता के हिसाब से दूध पीना ही चाहिए, यह सलाह डॉक्टर हमेशा से ही देते आए हैं। वहीं यदि हम आपसे कहें कि आप को स्वास्थ्य के हिसाब से यदि बीयर और दूध में से किसी एक पेय पदार्थ को चुनने कहा जाए तो आप किसे चुनेंगे। स्वाभाविक है कि कोई भी व्यक्ति बीयर और दूध में से दूध ही को बेहतर स्वास्थवर्धक पेय पदार्थ समझकर दूध को ही चुनेगा, क्योंकि दूध शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए एक बेहतरीन पेय पदार्थ है। लेकिन एक विश्व प्रसिद्ध संस्था का दावा है कि दूध की तुलना में बीयर सेहत के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद है।
 
यह पढ़कर आप चौक गये होंगे कि आख़िर कौन सी वो संस्था है जो यह दावा कर रही है कि दूध की तुलना में बीयर पीना सेहत के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद है, जीहां वही बीयर जिसमें 4 से 6 प्रतिशत अल्कोहल होता है। दरअसल, जानवरों के हक़ में काम करने वाली और शाकाहार को बढ़ावा देने वाली संस्था पेटा (PETA) ने दावा दिया है कि दूध की तुलना में बीयर सेहत के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद है। दरअसल, PETA का दावा है कि बीयर, दूध से ज़्यादा फ़ायदेमंद है और शरीर के सही विकास से लिए एक ज़रूरी पेय पदार्थ भी है। PETA ने हार्वर्ड स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि बीयर पीने से हड्डियां मज़बूत होती हैं।
 
इतना ही नहीं, पेटा (PETA) का कहना है कि दूध पीने से वजन बढ़ता है, जिससे मोटापे की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ता है। वहीं पेटा (PETA) का दावा है कि दूध पीन से डायबिटीज़ और कैंसर जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है। इसके अलावा दूध पीने से मुंहासे, म्यूकस और लैक्टोज इनटॉलरेंस की दिक्कत भी हो सकती है। जानवरों के हक़ में खड़ी होने वाली संस्था PETA के मुताबिक़, बीयर में 90 प्रतिशत पानी के अलावा कैल्शियम, फ़ाइबर, आयरन और ऐंटी ऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो कि शरीर के लिए काफ़ी ज़रूरी और फ़ायदेमंद हैं। कहा जा रहा है कि इस दावे के पीछे PETA की कोशिश कि लोग ज़्यादा से ज़्यादा Vegan बन सकें। 

रिसर्च के आधार पर पेटा का दावा है कि कलेस्ट्रॉल, सैचुरेटेड फैटी ऐसिड और लैक्टोज की वजह से दूध, एथेरोस्क्लेरोसिस और कोरोनरी हार्ट डिजीज का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर माना जाता है। बीयर की तारीफ़ में पेटा (PETA) का कहना है कि बीयर शरीर में गुड कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है और बैड कॉलेस्ट्रॉल से होने वाले नुक़सान से बचाती है। साथ ही बीयर शरीर में ब्लड क्लॉट बनने से भी रोकती है।

बीयर के बारे में पेटा का कहना है कि हालांकि यह सच है कि बीयर एक ऐल्कॉहॉलिक ड्रिंक है, लेकिन यह मॉल्टेड बाली, जौ, गेहूं, ज्वार या मकई और चावल को ब्रियू करके तैयार की जाती है। वहीं बीयर में क़रीब 90 प्रतिशत तक पानी होता है लेकिन वहीं इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन, और कुछ मात्रा में ऐण्टिऑक्सिडेंट भी होते हैं। पेटा ने रिसर्च के आधार पर कहा है कि बीयर में डायट्री सिलिकॉन होता है, जो हड्डियों और शरीर में मौजूद कनेक्ट्रिव टिशूज के ग्रोथ के लिए ज़रूरी माना जाता है।

लेकिन पेटा के इस दावे के बाद विवाद उठना शुरू हो गया है। कई संस्थाओं ने PETA के इस दावे को ग़लत बताया है कि दूध नुकसानदेह होता है और दूध की तुलना में बीयर ज़्यादा फ़ायदेमंद है। डॉक्टर्स का कहना है कि कोई भी पेय पदार्थ एक लिमिट में ही पीना चाहिए, ऐसे ही दूध को भी यदि ज़रूरत से ज़्यादा कोई पीयेगा तो उसे परेशानी हो सकती है। लेकिन फ़िर भी यह कहना कि दूध की तुलना में बीयर ज़्यादा फ़ायदेमंद है एक हास्यास्पद रिसर्च ही है।