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क्या चीन के दबाव में WHO ने छुपाया कोरोना वायरस का 'सच'?

26 Mar 2020

कोरोना वायरस संकट के समय WHO की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

 

MARCH 26 (WTN) - दुनिया के 190 से ज़्यादा देश इस समय कोरोना वायरस महामारी से लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से 22,020 लोगों की मौत हो चुकी है, और हज़ारों की तादात में लोग इससे संक्रमित हैं। कोरोना वायरस के कारण अमेरिका जैसा विकसित देश भी संकट का सामना कर रहा है। कोरोना वायरस के कारण अमेरिका में भी तक एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय जबकि पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से त्रस्त है, ऐसे में WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

इसी कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कोरोना वायरस संक्रमण जैसी महामारी पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए ट्रम्प ने कहा कि WHO ने कोरोना वायरस संक्रमण पर चीन की बात मानी, और लोगों को इस संक्रमण के बारे में पहले से कोई भी चेतावनी नहीं दी।

इतना ही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि WHO ने चीन का पक्ष लिया है और उसे बचाने की कोशिश की है। ट्रम्प के मुताबिक़ यदि WHO पहले ही कोरोना वायरस संक्रमण की जानकारी पूरी दुनिया को दे देता तो शायद पूरी दुनिया में इतने लोगों की मौत नहीं होती। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना वायरस को चीनी वायरस कहते हैं। हालांकि, चीन कई बार इस पर आपत्ति जता चुका है।

दरअसल, अमेरिका समेत कई देश कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में WHO की भूमिका से नाराज़ है। चीन में जब कोरोना वायरस संक्रमण फैल रहा था, तब WHO ने जनवरी के महीने में एक ट्वीट कर जानकारी दे थी कि कोरोना वायरस संक्रमण इंसानी सम्पर्क से नहीं फैलता है। WHO ने समय रहते कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता को नहीं समझा और यह वायरस पूरी दुनिया में फैल गया। यदि WHO समय रहते कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में पूरी दुनिया को चेतावनी दे देता, तो कोरोना वायरस के कारण हज़ारों लोगों की जान नहीं जाती।

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के मुताबिक़, कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी यह है सभी जानते हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी भी यह बात मान चुकी है कि कोरोना वायरस संक्रमण वुहान शहर से फैलाना शुरू हुआ था। लेकिन बाद में चीन सरकार ने कोरोनो वायरस से जुड़े तथ्य छुपाए। और इसी कारण से आज पूरी दुनिया ख़तरे में है। जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका चीन पर यह आरोप तक लगा चुका है कि वुहान शहर में कोरोना वायरस किसी सीफूड मार्केट से नहीं फैला है बल्कि यह वायरस एक लैब से फैला है। ख़ैर, सच क्या है यह तो आने वाले वक़्त में पता चलेगा। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में WHO की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाज़िमी है।